तरबूज नहीं, चूहे मारने की दवा बनी मौत की वजह! जांच में Zinc Phosphide की पुष्टि
Mumbai : मुंबई के दक्षिण क्षेत्र में पिछले महीने एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में जहां तरबूज खाने से फूड पॉइज़निंग की आशंका जताई जा रही थी, वहीं अब जांच में सामने आया है कि परिवार की मौत का कारण “जिंक फॉस्फाइड” नामक जहरीला रसायन था, जो आमतौर पर चूहे मारने की दवा (Rat Poison) में इस्तेमाल किया जाता है।
मृतकों में पति, पत्नी और उनकी दो बेटियां शामिल थीं। यह दर्दनाक घटना अप्रैल महीने में सामने आई थी, जिसके बाद पूरे मुंबई में सनसनी फैल गई थी। अब विसरा (Viscera) जांच रिपोर्ट में चारों के शरीर में Zinc Phosphide मिलने की पुष्टि हुई है।
कैसे सामने आया मामला?
पुलिस के अनुसार, परिवार ने 25 अप्रैल को अपने घर पर रिश्तेदारों को खाने के लिए बुलाया था। रात करीब 10 से 10:30 बजे तक सभी ने साथ भोजन किया, जिसके बाद रिश्तेदार वापस चले गए।
जांच के दौरान सामने आया कि देर रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच परिवार ने तरबूज खाया था। इसके कुछ घंटों बाद सुबह 5 से 6 बजे के बीच परिवार के सभी सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
मामले की जांच कर रहे ज़ोन-1 के तत्कालीन डीसीपी प्रवीण मुंडे ने पहले बताया था कि मौतों को लेकर “अननैचुरल डेथ” का मामला दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम के साथ-साथ खाने और शरीर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस को शुरुआत में शक था कि कहीं परिवार फूड पॉइज़निंग का शिकार तो नहीं हुआ, क्योंकि तरबूज खाने के बाद ही तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई थी। लेकिन अब फॉरेंसिक जांच ने मामले को पूरी तरह नया मोड़ दे दिया है।
JJ Hospital की रिपोर्ट में क्या निकला?
जेजे अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह साफ किया गया कि मृतकों के शरीर में किसी प्रकार का बैक्टीरियल इन्फेक्शन नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, खून में भी कोई बैक्टीरिया मौजूद नहीं था, जिससे फूड इन्फेक्शन की संभावना लगभग खत्म हो गई।
इसके बाद फॉरेंसिक जांच में Zinc Phosphide की मौजूदगी सामने आई, जिसने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल — जहर शरीर में पहुंचा कैसे?
फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह जहरीला रसायन परिवार के शरीर में कैसे पहुंचा। क्या यह किसी खाद्य पदार्थ में मिला था? क्या यह दुर्घटनावश हुआ या इसके पीछे कोई साजिश है? इन सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली और पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इलाके में दहशत और कई सवाल
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बीच डर और सदमे का माहौल है। वहीं यह मामला अब सिर्फ फूड पॉइज़निंग नहीं बल्कि संभावित जहरीले पदार्थ के इस्तेमाल की दिशा में जांच का केंद्र बन चुका है।
मुंबई पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




