कोरोना महामारी से आम लोगों का बजट गड़बड़ाया:गोल्ड लोन सेगमेंट मई में पिछले साल से 33.8% की ग्रोथ, आर्थिक तंगी और आमदनी ठप होने से कर्जदार बढ़े

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कोरोना महामारी से आम लोगों का बजट गड़बड़ाया:गोल्ड लोन सेगमेंट मई में पिछले साल से 33.8% की ग्रोथ, आर्थिक तंगी और आमदनी ठप होने से कर्जदार बढ़े

मुंबई4 घंटे पहले

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देश में आम लोगों की आर्थिक हालात कोरोना महामारी के चलते बिगड़ गई है। साथ ही बेरोजगारी और सख्त पाबंदियों से आमदनी भी ठप पड़ा हुआ है। ऐसे में लोग कीमती गहनों को बेचकर या उन्हें गिरवी रखकर रोजमर्रा का खर्च चला रहे हैं।

रिजर्व बैंक यानी RBI द्वारा उपलब्ध ताजा आंकड़ों को देखें तो मई 2021 में गोल्ड सेगमेंट में कर्ज 33.8% बढ़ा है, जो पिछले 12 महीनों में अन्य किसी भी सेगमेंट से कहीं ज्यादा है।

गोल्ड लोन का बकाया सालभर में 15,686 करोड़ रुपए बढ़ा
वैल्यू के लिहाज से समझें तो इस साल मई तक बैकों में गोल्ड लोन का बकाया 15,686 करोड़ रुपए बढ़कर 62,101 करोड़ रुपए हो गया, जो मई 2020 में 46,415 करोड़ रुपए था। बता दें कि 31 मार्च 2021 तक गोल्ड लोन लेने कर्जदारों की संख्या 25.9 लाख रही।

पर्सनल लोन सेगमेंट में भी 12.4% की ग्रोथ
ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाए बढ़ने से पर्सनल लोन सेगमेंट में भी ग्रोथ देखने को मिली, जो इस साल मई में 12.4% बढ़ा। जबकि पिछले साल मई में यह 10.6% रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 के बाद से जब देश में कोविड-19 वायरस की एंट्री हुई, तब से मई 2021 तक गोल्ड लोन का बकाया 86.4% यानी 33,308 करोड़ रुपए बढ़ गया है।

SBI का गोल्ड लोन बिजनेस 465% बढ़ा
आलम यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का गोल्ड लोन बिजनेस 465% बढ़कर 20,987 करोड़ रुपए का हो गया। क्योंकि लो इनकम ग्रुप, माइक्रो यूनिट और रूरल एरिया में भारी आर्थिक तंगी के चलते गोल्ड लोन की डिमांड तेजी से बढ़ी है। SBI द्वारा गोल्ड लोन पर 7.50% ब्याज लेता है।

ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो यहां हालत और भी दयनीय है। पिछले दिनों भास्कर ने देश के तीन बड़े सर्राफा बाजार से ग्राउंड रिपोर्ट की, जिसमें जयपुर, रतलाम और इंदौर के बाजार शामिल रहें। रिपोर्ट में हमने देखा कि किसान खेती के लिए और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अपने पुरखों के गहने भी बेच या गिरवी रख रहा है।

RBI की रिपोर्ट के मुताबिक खेती और उससे जुड़े अन्य गतिविधियों के लिए क्रेडिट (कर्ज) मई 2021 में बढ़कर 10.3% हो गया, जो पिछले साल मई में 5.2% ही रहा था। वहीं, इंडस्ट्रियल सेक्टर में क्रेडिट 0.8% पर आ गया, जो सालभर पहले 1.7% पर था।

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