ड्रग्स के कंजप्शन की जानकारी देते हुए कहा गया कि साल 2022 के अक्टूबर महीने तक 9530 मामले पाए गए. इसमें तकरीबन 9700 लोगों को अरेस्ट भी किया गया. वहीं, साल 2023 में अक्टूबर महीने तक 2491 मामले सामने आ चुके हैं. 3 हजार से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है.
ड्रग्स केस में पकड़े जा रहे विदेशी नागरिकों के लिए मुंबई में जल्द ही देश का पहला डिटेंशन सेंटर बनेगा. इस सेंटर में विदेशी ड्रग्स माफियाओं को रखा जाएगा. उन्हें लीगली डिपोर्ट किया जाएगा. ये देश का पहला डिटेंशन सेंटर होगा. नार्को का जो पहलू बयां किया गया है. उसका संबंध आतंकवादी गतिविधियों से है या नहीं. इसको लेकर लगातार कार्रवाई की जाती है. ये कार्रवाई हर केस में जिस तरह के सबूत मिलते हैं. उसके हिसाब से कार्रवाई की जाती है. ड्रग्स माफियाओं के जरिए आने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंक के लिए होते आया है. ये देश विरोधी काम है. ऐसे कामों पर नकेल कसी जा रही है.
वहीं, एल्विष यादव के बारे में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के संजय सक्सेना ने कहा कि यह केस नोएडा पुलिस के पास है. इस केस की मॉनिटरिंग हो रही है. अगर कुछ मिला या केस हमारे पास आया तो निश्चित ही इस मामले में एक्शन लिया जाएगा. उससे जुड़ी कोई पार्टी या लोग शामिल होंगे होंगे तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब ANTS यानी एन्टी नार्कोटिक्स टास्क सेल बनाया जाएगा, जो कि CID के अंडर काम करेगा. यह राज्य में ड्रग्स और टेरर के एंगल से जुड़े मामलों की जांच करेगा. राज्य में किसी भी हालत में ड्रग्स केस बढ़ने न दिया जाए. इसलिए ये सब कार्रवाई की जा रही है.
एंटी नॉर्किटिक्स सेल ने पिछले दिनों एक बड़ी कार्रवाई की थी. जिसमें नशे का ड्रग्स बनाने की कुछ फैक्ट्रियों को भी ध्वस्त किया गया था. 27 लाख लोगों तक पहुंचकर No Drugs कैंपेन चलाया गया. नो ड्रग्स का जो कैंपेन है. खासकर 26 जून को ये मनाया जाता है. उसको लेकर हर लेवल पर समाज में जागरूक करने का काम किया जा रहा है.