कुछ साल पुरानी बात है. काबुल में एक क्रिकेट अकादमी में एक कार्यक्रम के दौरान राशिद ख़ान को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था.
युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय क्रिकेटर राशिद खान को देखकर अफ़ग़ानिस्तान के कई युवाओं ने क्रिकेट को अपनाया है. उनमें से ज़्यादातर स्पिन गेंदबाज़ी में हाथ आज़माना चाहते हैं.
उस दिन राशिद ख़ान ने क़रीब 250 युवा खिलाड़ियों को स्पिन गेंदबाज़ी करते देखा. बाद में राशिद ने ये बात कमेंटेटर हर्षा भोगले को बताई थी.
शुक्रवार को जब भोगले ने उनसे दोबारा पूछा कि आज अफ़गानिस्तान में कितने मिस्ट्री स्पिनर होंगे तो राशिद ख़ान ने बेहद शांत लहज़े में जवाब दिया, ‘हज़ार तो होंगे.’
शायद हमें पक्की गिनती मालूम ना हो, लेकिन एक बात तय है कि अफ़ग़ानिस्तान के क़रीब आधा दर्जन ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने आईपीएल में अपनी छाप छोड़ी है और दुनिया भर की क्रिकेट लीग इन्हें अपने यहां खेलने के लिए बुलाना चाह रही है.
राशिद ख़ान, मोहम्मद नबी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, रहमानुल्लाह गुरबाज़ और नवीन उल हक़ कुछ ऐसे नाम हैं जिन्होंने अफ़गान क्रिकेट को दुनिया भर में पहचान दी है. इनमें से राशिद, नूर, गुरबाज़ और नवीन इस साल आईपीएल में अलग-अलग टीमों में खेल रहे हैं.
अफ़गानिस्तान के खिलाड़ियों की एक और खासियत है कि वो बहुत कम पैसों में खरीदे गए हैं.
इस सीज़न राशिद ख़ान को 1.5 करोड़ में गुजरात ने खरीदा है. वो 15 करोड़ से अधिक में खरीदे गए कैमरन ग्रीन, सैम करन या हैरी ब्रुक से तो अच्छा प्रदर्शन कर ही रहे हैं, उनसे दस गुना कम पैसों में टीम में शामिल हुए हैं.
वहीं गुरबाज़, फ़ारुख़ी, नवीन उल हक़ महज़ 50 लाख में टीम में शामिल हुए हैं. नूर अहमद पिछले सीज़न बेंच पर थे, इस सीज़न उन्होंने पांच मैच खेले हैं और टीम में पक्के हो चुके हैं. उनकी क़ीमत सिर्फ़ 30 लाख रही है.
आईपीएल में कम पैसों में भरपूर फ़ायदा दिलाते अफ़ग़ान खिलाड़ी सभी टीम की पसंद बन गए हैं और शायद जल्दी वेस्ट इंडीज़ के खिलाड़ियों की हैसियत वो आईपीएल में ले