राजस्थान के बाड़मेर ज़िले के पचपदरा में एक दलित महिला को कथित तौर पर बलात्कार के बाद ज़िंदा जला दिया गया. साठ फ़ीसदी झुलसी महिला ने इलाज के दौरान जोधपुर के सरकारी अस्पताल में बीती देर रात दम तोड़ दिया.
मृतक महिला का शव जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है. परिजन अपनी मांगों को लेकर बाड़मेर के बालोतरा एसडीएम ऑफिस में धरने पर हैं. उन्होंने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इंकार कर दिया है. पुलिस और मृतक महिला के परिजनों के बीच बातचीत जारी है.
राजू राम ने कहा, “मैं सुबह ढाणी से पच्चीस किलोमीटर दूर बालोतरा में अपने काम पर गया था. मैं वहां दिहाड़ी पर सुथार का काम करता हूं. बच्चे स्कूल गए हुए थे. दोपहर तीन बजे परिजनों का फ़ोन आया कि ढाणी का रहने वाला शकूर ख़ान ज़बरदस्ती घर में घुस आया.”
उन्होंने आरोप लगाया, “शकूर ख़ान ने मेरी पत्नी के साथ बलात्कार किया. अपने साथ लाए थिनर को पत्नी के ऊपर छिड़ककर उसे जला दिया. चीख़-पुकार सुनकर आए घरवालों को धक्का देकर भाग गया.”
पचपदरा पुलिस थाने को इस घटना की सूचना छह अप्रैल की दोपहर मिली.
सात अप्रैल की दोपहर पुलिस थाने में 35 साल की मृतका झम्मा देवी के पति राजू राम ने एफआईआर दर्ज करवाई.
घटना के बाद घर की महिलाओं ने बताया कि शकूर घर में पीछे की तरफ से आया था.”
“झम्मा देवी से बलात्कार के बाद जेब से थिनर की बोतल निकाली और उन पर छिड़क दिया. माचिस से आग लगा दी.”
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें बालोतरा और फिर जोधपुर लाए. यहां उनकी मौत हो गई. झम्मा देवी के चार बच्चे हैं. दो बेटे और दो बेटी, सबसे बड़ी बेटी तेरह साल की है.
डॉ राजश्री ने कहा, “तुरंत प्लास्टिक सर्जन की देख-रेख में इलाज शुरू किया गया. देर रात साढ़े बारह बजे महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.”
उन्होंने आगे बताया, “महिला साठ फीसदी तक झुलसी हुई थी. उनके चेहरे, छाती और शरीर का पिछला हिस्सा गंभीर झुलसा हुआ था.”
डॉक्टर ने बताया, “शुरुआती तौर पर देखने से लग रहा था वह किसी केमिकल से जली हैं.”
महिला को किस चीज़ से जलाया गया है इस सवाल पर बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने बीबीसी को बताया, “डॉक्टरों ने कहा है कि शरीर जला हुआ है. लेकिन, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा.”