एनसीईआरटी की किताबों में बदलावः इतिहास में कितने बचे मुग़ल पढ़िए पूरी खबर विस्तार

0
142

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) ने कक्षा 12वीं की अपनी इतिहास की किताबों से मुग़ल साम्राज्य से जुड़े पाठ को हटा दिया है. इसके अलावा और भी कई बदलाव किए गए हैं जिन पर अब विवाद हो रहा है.

एनसीईआरटी ने कक्षा 12 के लिए इतिहास की किताब को ‘थीम्स ऑफ़ इंडियन हिस्ट्री’ (भारतीय इतिहास के कुछ विषय) शीर्षक से तीन हिस्सों में प्रकाशित किया है. इसके दूसरे हिस्से के पाठ 9 राजा और इतिहास, मुग़ल दरबार को अब पुस्तक से हटा दिया गया है.

एनसीईआरटी की वेबसाइट पर डाउनलोड करने के लिए इतिहास की जो नई किताबें उपलब्ध हैं उनसे 28 पन्नों का मुग़ल शासकों पर केंद्रित ये अध्याय ग़ायब है.

एनसीईआरटी की भारत के पूर्व मुसलमान शासकों को पाठ्यक्रम से हटाने के इस क़दम को भारतीय इतिहास से मुग़लों को हटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. वहीं एनसीईआरटी का तर्क है कि ऐसा छात्रों पर पाठ्यक्रम के बोझ को कम करने के लिए किया गया है.

हालांकि इतिहास की किताब में ऐसे अध्याय अभी भी हैं जिनमें मुग़लों का ज़िक्र मिलता है. अध्याय पांच में यात्रियों के नज़रिये से भारत को दिखाया गया है जिसमें दसवीं से सत्रहवीं सदी के भारत का ज़िक्र है. वहीं अध्याय छह भक्ति और सूफ़ी परंपराओं पर केंद्रित है. इसमें भी मुग़ल काल की झलक मिलती है. अध्याय आठ का शीर्षक है किसान, ज़मींदार और राज्य, कृषि समाज और मुग़ल साम्राज्य. इसमें भी मुग़ल काल का ज़िक्र है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ राजस्थान, केरल और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्रियों ने इन बदलावों का कड़ा विरोध किया है. वहीं आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु के शिक्षा मंत्रियों ने कहा है कि राज्य में इन बदलावों को लागू करने से पहले इनकी गहन समीक्षा की जाएगी.

लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की सरकार ने इन बदलावों का समर्थन किया है.

यूपी की शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा, “नई शिक्षा नीति के आधार पर ये कार्य किया जा रहा है, एनसीईआरटी का जो पाठ्यक्रम है वही रहेगा, हमारी तरफ़ से कोई बदलाव नहीं है.

डी राजा ने कहा, “ये बदलाव इतिहास से छेड़छाड़ करने और इतिहास बदलने का आरएसएस का एक और प्रयास है. सरदार पटेल ने गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था ताकि नफ़रत और हिंसा की शक्तियों को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके. कोई भी झूठ इस तथ्य को छिपा नहीं पाएगा.”

Facebook Comments Box