मुंबई : पिछले तीन सेशन में सरफराज (sarfaraz Khan) ने अभी तक कुल मिलाकर 2441 रन बनाए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी अगर वह भारतीय टीम में चयनित नहीं हो सके,
इसमें दो राय नहीं कि पिछले करीब तीन घरेलू सत्रों में बल्ले से रनों की बमबारी कर रहे युवा बल्लेबाज सरफराज खान (Sarfaraz Khan) से हर कोई सहानुभूति जता रहा है. हर मंच पर इसी बात की चर्चा हो रही है आखिर सरफराज का भारतीय टेस्ट टीम में चयन क्यों नही हो रहा. पिछले तीन सेशन में सरफराज ने अभी तक कुल मिलाकर 2441 रन बनाए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी अगर वह अगर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट में भारतीय टीम में चयनित नहीं हो सके, तो इसे उनका दुर्भाग्य ही कहा जाएगा, इस पर खुद सरफराज अपनी निराशा नहीं छिपा सके और उन्होंने कई बार मीडिया में इसको लेकर नाखुशी जाहिर की है, यहां तक कि उन्होंने चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा के साथ हुई बातचीत का भी खुलासा कर दिया कि शर्मा ने उन्हें बांग्लादेश दौरे में टीम में चुने जाने का वादा किया था,
इसी पर मुंबई के चीफ सेलेक्टर मिलिंद रेगे ने एक अखबार से बातचीत में कहा कि सरफराज को सार्वजनिक बयानबाजी से बचकर अपने प्रदर्शन पर ध्यान लगाना चाहिए क्योंकि हास्यासपद बयानबाजी से उनका भला होने नहीं जा रहा, टीम इंडिया में चयन के खिलाफ उन्हें बयानबाजी से बचना चाहिए, उन्हें अपनी बैटिंग पर ध्यान बनाए रखने की जरूरत है, रेगे ने कहा कि निश्चित तौर पर यह सरफराज के लिए मुश्किल स्थिति है, लेकिन यह भी समझने की जरूरत है कि टीम में कैसी प्रतिस्पर्धा चल रही है, तीन से चार खिलाड़ियों के बीच एक जगह के लिए मारामारी चल रही है. अब जबकि विराट कोहली, पुजारा, चेतेश्वर पुजारा और संभवत रवींद्र जडेजा फिर से वापसी करने जा रहे हैं, तो सरफराज को अपनी बारी का इंतजार करना होगा, वर्तमान टीम में उनके लिए जगह नहीं है.
उन्होंने कहा कि इसमें दो राय नहीं कि सरफराज बेहतरीन फॉर्म में हैं, लेकिन इसके लिए भारतीय बल्लेबाजी क्रम में जगह तो हो, जब जगह बनेगी, तो उन्हें जरूर मौका मिलेगा, लेकिन वर्तमान में जगह ही कहां है? रेगे ने सरफराज के सामने वर्तमान में मुंबई के कोच अमोल मजूमदार का उदाहरण भी रखा, जो कई सेशन रनों का अंबार लगाने के बावजूद कभी भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं बन सके, उस दौर में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली मिड्ल ऑर्डर में थे, ऐसे में मजूमदार कभी टेस्ट टीम में चयनित नहीं हुए, सालों बाद यह माना जाता है कि मजूमदार ऐसे खिलाड़ी रहे, जो भारत के लिए खेलने के सबसे ज्यादा हकदार होने के बावजूद कभी देश के लिए नहीं खेले,