लॉकडाउन में भारी दिक़्क़तों का सामना कर चुका भारतीय सिनेमा उद्योग उस झटके से उबरने की कोशिशें कर रहा है.
हालांकि 2021 के काले बादल हिंदी सिनेमा के आसमान से अभी पूरी तरह छंटे नहीं हैं.
इस साल आई कुछ फ़िल्मों ने बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा किया, लेकिन कई फ़िल्में कोरोना काल के पहले वाला प्रदर्शन नहीं दुहरा पाईं.
भारत में कोरोना महामारी के क़हर के बाद जब सामान्य जनजीवन लौटा तो सिनेमाहॉल लोगों के लिए खोल दिए गए और फिर से फ़िल्म इंडस्ट्री में उम्मीद जगी.
इस साल कई फ़िल्में सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज़ हुईं, इनमें कुछ बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छी कमाई के साथ विवादों में भी रहीं
मई के तीसरे सप्ताह में आई अनीस बज़्मी की हॉरर कॉमेडी फ़िल्म ‘भूल भुलैया 2’ ने दर्शकों को लुभाया और ऐसा लगा कि हिंदी फ़िल्मों से रूठे दर्शक सिनेमाघरों का रुख़ कर रहे हैं.
कार्तिक आर्यन, कियारा आडवाणी और तब्बू की ये फ़िल्म 2007 में आई भूल भुलैया फ्रैंचाइज़ी की दूसरी फ़िल्म थी.
ख़बर है कि 179 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली ‘भूल भुलैया 2’ की सफलता के बाद कार्तिक ने अपनी फ़ीस बढ़ा दी है.
ख़बरों के मुताबिक़ फ़िल्म की सफलता से ख़ुश होकर निर्माता भूषण कुमार ने कार्तिक आर्यन को चार करोड़ रुपये की महंगी गाड़ी गिफ़्ट की है.
नब्बे के दशक में कश्मीरी पंडितों के कश्मीर घाटी से पलायन पर बनी विवेक अग्निहोत्री की फ़िल्म ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ का बॉक्स ऑफ़िस पर जितना अच्छा प्रदर्शन रहा, विवादों में भी वो उतनी ही रही.
महज़ 15 करोड़ रुपये में बनी इस फ़िल्म ने 251 करोड़ रुपये की कमाई की. इस साल ये सबसे अधिक कमाई वाली हिंदी फ़िल्म है.
फ़िल्म बनाने की मंशा पर विवाद आज भी जारी है. इसराइली फ़िल्मकार नदाव लपिड ने गोवा में हुए 53 अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में इसे भद्दा प्रोपेगैंडा फ़िल्म बताया जिसे लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ.
मार्च के दूसरे सप्ताह में रिलीज़ हुई ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ के विवाद का असर अक्षय कुमार की ऐक्शन कॉमेडी फ़िल्म ‘बच्चन पांडेय’ पर भी हुआ और उसे भारी नुक़सान उठाना पड़ा.
फ़िल्म ने महज़ 45 करोड़ रुपये की कमाई की और फ़्लॉप हो गई.
संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित आलिया भट्ट स्टारर ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ कमज़ोर बॉक्स ऑफ़िस के दौर में पहली हिंदी फ़िल्म बनी जिसने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया.
फ़िल्म ने 115 करोड़ रुपये की कमाई की और बॉक्स आफ़िस में फिर से रंगत लौटने का संकेत भी दिया.