Diwali से पहले राजस्थान में बड़ा बवाल, हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां नदी में डाल सैंकड़ों परिवारों ने क्यों बदल लिया धर्म… पढिये पुरी खबर

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बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम की सूचना सीएम हाउस जयपुर तक पहुंच गई है और सीएम ने इस पूरे मामले में जिले के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से रिपोर्ट भी मांगी है।

दिवाली से पहले धर्म परिवर्तन का बड़ा मामला सामने आया है। राजस्थान के बांरा जिले मंे रहने वाले कुछ परिवारों के करीब दो सौ पचास से ज्यादा दलित समुदाय के लोगों ने हिंदू धर्म त्याग कर अपना धर्म बदल लिया है। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम की सूचना सीएम हाउस जयपुर तक पहुंच गई है और सीएम ने इस पूरे मामले में जिले के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से रिपोर्ट भी मांगी है।

मामला बांरा जिले के भूलोन गांव का है। गांव में रहने वाले कई दलित परिवार पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से उनके केस में कार्रवाई नहीं होने से नाराज बताए जा रहे हैं। इसी से नाराज होकर शुक्रवार शाम परिवारों ने हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां घरों से निकालकर नदियों में प्रवाहित कर दी और उसके बाद अपना धर्म बदल लिया। आज इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

यह है पूरा मामला, पांच अक्टूबर से शुरु हुआ था ये बवाल
जिला बैरवा महासभा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बालमुकंद बैरवा ने बताया कि भूलोन गांव में 5 अक्टूबर को राजेंद्र और रामहेत ऐरवाल ने मां दुर्गा की आरती का आयोजन किया था । दलित समुदाय के लोगों द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन से आक्रोशित सरपंच प्रतिनिधि राहुल शर्मा और लालचंद लोधा ने इन दोनों के साथ ना केवल मारपीट की, बल्कि गांव से निकल जाने का फरमान सुना दिया।

ऐसे में समाज के तमाम लोगों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से न्याय की गुहार की। जब कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो समाज ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन का फैसला लिया है।

रैली निकालकर विसर्जित की मूर्तियां
प्रशासन से प्रताड़ित दलित समाज के लोगों ने शुक्रवार को गांव में आक्रोश रैली निकाली। इस रैली में समाज के लोग अपने हाथों में देवी देवताओं की मूर्तियां लिए थे। रैली के बैथली नदी के घाट पर पहुंचने पर सभी लोगों ने अपने अपने देवी.देवताओं की प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित कर दिया। इसी के साथ घाट पर ही डॉण् भीमराव अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं लेकर हिंदू धर्म का परित्याग कर बौद्ध धर्म अपना लिया। इस पूरे मामले में फिलहाल कोई अफसर कुछ कहने को तैयार नहीं है

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