FDA ने मुंबई के मुलुंड में स्थित जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड के जॉनसन बेबी पाउडर का विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिया है. क्योंकि पुणे औऱ नासिक में पाउडर के सैंपल लिए गए थे, जो कि मानकों पर खरे नहीं उतर हैं. इसके साथ ही राज्य सरकार के निकाय ने कहा कि इस प्रोडक्ट के उपयोग से नवजातों की स्किन पर असर पड़ सकता है.
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Maharashtra Food and Drug Administration) ने जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के मुलुंड में स्थित जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड के जॉनसन बेबी पाउडर का विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिया है. दरअसल, पुणे औऱ नासिक में पाउडर के सैंपल लिए गए थे, जो कि मानकों पर खरे नहीं उतरे. इसके बाद ये फैसला लिया गया है.
महाराष्ट्र FDA की ओऱ से कहा गया है कि जो सैंपल कलेक्ट किए गए थे, वह गुणवत्ता के लिहाज से पैमाने के अनुरूप नहीं है. जो कि बच्चों की स्किन के लिहाज से भी ठीक नहीं है. लिहाजा राज्य सरकार के निकाय ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. महाराष्ट्र एफडीए ने भी कंपनी को बेबी पाउडर के स्टॉक को बाजार से वापस लेने के निर्देश जारी किए है.
राज्य सरकार के निकाय ने यह भी कहा कि उत्पाद के उपयोग से नवजात शिशुओं की त्वचा के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है
एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने जॉनसन एंड जॉनसन की ओऱ से कहा गया था कि वह 2023 में वैश्विक स्तर पर बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर देगा. साथ ही कहा था कि 2 साल से अधिक समय के बाद एक उत्पाद की अमेरिका में बिक्री बंद हो गई.
2020 में J&J ने घोषणा की थी कि वह अमेरिका और कनाडा में अपने टैल्कम बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर देगा. क्योंकि कानूनी चुनौतियों के बीच उत्पाद की सुरक्षा के बारे में “गलत सूचना” के बाद डिमांड में भारी गिरावट दर्ज की गई थी.