Mohammad Zubair got bail: जुबैर को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिली है. दिल्ली पुलिस ने जुबैर की जमानत का विरोध किया था. कोर्ट ने जुबैर को जमानत देते हुए कहा कि वो बिना इजाजत देश छोड़कर नहीं जायेंगे.
बता दें कि मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में गुरुवार बहस पूरी हो गई थी. कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज कोर्ट ने इस याचिका पर फैसला सुना दिया है. कोर्ट में मोहम्मद जुबैर की तरफ से उनकी वकील वृंदा ग्रोवर और दिल्ली पुलिस की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव ने पक्ष रखा था.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से उस ट्वीट की तारीख पूछी थी जिसपर मामला दर्ज किया गया है. एसपीपी अतुल श्रीवास्तव ने ट्वीट की तारीख के बारे में कोर्ट को जानकारी दी थी. एसपीपी का कहना था कि ट्वीट 2014 से पहले और 2014 के बाद के हैं. यह विशेष रूप से स्पष्ट है कि यह जानबूझकर किया गया था. कोर्ट ने पूछा इसका इरादा क्या था. एसपीपी ने कहा था कि उद्देश्य यह है कि वे यह कहना चाहते हैं कि 2014 में, सरकार का परिवर्तन हुआ था. दूसरे पक्ष के लोगों को उकसाने और गलत इच्छा पैदा करने के लिए यह ट्वीट किया गया. एसपीपी ने कहा कि हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं और आपने ट्वीट में हनीमून से तुलना की है.
वहीं उन्होंने कहा था कि जुबेर को 2022 में विदेशी फंड भी मिला था. वह भी ईरान, सऊदी, पाकिस्तान आदि देशों से. वहीं इस पर जुबैर की वकील ग्रोवर ने कहा था कि मैं साबित कर दूंगी और यह जानकारी कोर्ट को बताऊंगी कि कोई विदेशी योगदान नहीं है, मैंने किसी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है.