भाजपा के किरीट सोमैया ने राज्यपाल को 57 करोड़ नहीं सौंपे थे

0
29

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े

साल2013- 14 में सेव विक्रांत मुहिम चलाकर किरीट सोमैया ने तकरीबन 57 करोड़ रुपये जुटाए थे। उन्होंने यह वादा किया था कि इन पैसों को राज्यपाल के पास जमा करवाएंगे। देश भक्ति के नाम पर लोगों ने दिल खोलकर चंदा वे दिया था। लेकिन इन पैसों को राज्यपाल के पास जमा करवाने की बजाय सोमैया ने इन्हें बीजेपी पार्टी फंड में जमा करवा दिया।

(Maharashtra) बीजेपी(BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया(Kirit Somaiya) और उनके बेटे नील की आईएनएस विक्रांत घोटाला(INS Vikrant Scam) मामले में बढ़ती हुई नजर आ रही है। दोनों के खिलाफ एक रिटायर्ड फौजी ने द्वारा धोखाधड़ी शिकायत दर्ज करवाई गई थी। 53 वर्षीय रिटायर्ड फौजी बबन भोंसले की शिकायत पर ट्रॉम्बे पुलिस ने मामले एफआईआर(FIR) दर्ज की थी। इस मामले में किरीट सोमैया से सोमवार को मुंबई पुलिस(Mumbai Police) की आर्थिक अपराध शाखा(EOW) में तकरीबन 3 घंटे तक घोटाले घोटाले के संबंध में पूछताछ की। सोमैया सुबह 11 बजे पहुंचे थे और दोपहर के 2 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय(Police Commissioner Office Mumbai) से बाहर निकले। इस दौरान उनका बयान भी दर्ज किया। इस मामले में ( EOW ) ईओडब्ल्यू दोबारा किरीट सोमैया को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

क्या है मामला
इस मामले के शिकायतकर्ता बबन भोंसले का आरोप है कि किरीट सोमैया ने आईएनएस विक्रांत को कबाड़ में जाने से बचाने के लिए एक पैसे इकट्ठा करने का अभियान चलाया था। सोमैया ने इस मकसद के लिए तकरीबन 57 करोड रुपए से अधिक पैसे जमा किए थे। हालांकि, उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के सचिव कार्यालय में इस निधि को जमा कराने के बजाय उन्होंने उसमें अनियमितता की। इस मामले में पहले ईओडब्ल्यू ने उन्हें और उनके बेटे नील सोमैया को समन जारी किया था। हालांकि इससे एक दिन पहले ही मुंबई सत्र न्यायालय ने 11 अप्रैल को किरीट सोमैया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बाद में 13 अप्रैल को उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि किरीट सोमैया को इस मामले में पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा,

आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए जब किरीट सोमैया ने पैसा जमा करने का अभियान चलाया था। तब उन्होंने कहा था कि आईएनएस विक्रांत को एक वॉर म्यूजियम बनाया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। न तो विक्रांत को स्क्रैप में जाने से बचाया जा सका और न ही यह और म्यूजियम बन पाया। सबसे बड़ी बात यह कि जिन पैसों को राजभवन में जमा करवाने की बात कही गई थी। उन पैसों को बीजेपी पार्टी फंड में जमा किया गया। सोमैया के वकील अशोक मुंदरगी ने कुछ दिन पहले अदालत को बताया था कि राजभवन का कोई अकाउंट नहीं था। इसलिए सोमैया ने जमा किए हुए पैसे बीजेपी पार्टी फंड में डिपाजिट करवा दिए थे।

सोमैया ने देशद्रोह किया है

आईएनएस विक्रांत मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कुछ दिन पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैया पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि इस मामले में किरीट सोमैया ने देशद्रोह किया है। राउत आरोप लगाया था कि भारतीय नौसेना से रिटायर विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को बचाने और इस पर संग्रहालय बनाने के लिए किरीट सोमैया और उनके बेटे ने 57 करोड़ से ज्यादा का चंदा जमा किया था। हालांकि इस चंदे को राजभवन में जमा करने की बजाय उन्होंने इसका गबन किया। सोमैया ने इन पैसों को राजभवन में जमा करने की बात भी कही थी। लेकिन जब उनसे इस बाबत जानकारी मांगी गई तो ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध होने न होने के बाद कही गई।

Facebook Comments Box