पंजाब के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शनिवार को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापनों में मुफ्त बिजली की घोषणा की गई। यह पंजाब में आप सरकार के 30 दिन के रिपोर्ट कार्ड से संबंधित था।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शनिवार को 30 दिन का कार्यकाल पूरा किया। इसी के साथ सरकार ने आम लोगों को चुनाव पूर्व दी पहली गारंटी भी पूरी कर दी। मुख्यमंत्री ने राज्य में एक जुलाई से सभी श्रेणी के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट प्रति माह (यानी प्रत्येक बिजली बिल में 600 यूनिट) मुफ्त बिजली देने का एलान किया है। मुफ्त बिजली देने का वादा 29 जून, 2021 को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया था।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य में पहले से किसानों को दी जा रही मुफ्त बिजली और अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और बीपीएल परिवारों को 200 मुफ्त यूनिट की योजना भी यथावत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है, बस नीयत साफ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खजाना भी भरेंगे और उसमें से लोगों का हिस्सा भी उन्हें वापस करेंगे।

ऐसे लागू होगी योजना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एलान करते हुए बताया कि सभी श्रेणियों के घरेलू उपभोक्ताओं को दो माह के बिजली बिल में 600 यूनिट मुफ्त होंगे। हालांकि सामान्य वर्ग के लोगों के लिए शर्त है कि अगर उनका बिल 600 यूनिट से अधिक हुआ तो उन्हें पूरा बिल (600 यूनिट सहित) अदा करना होगा, जबकि अन्य वर्गों को इस मामले में राहत दी गई है कि अगर उनका बिल 600 यूनिट से अधिक हुआ तो जितने भी यूनिट 600 से ज्यादा होंगे, केवल उनका ही बिल चुकाना होगा। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए कहा कि इस साल उद्योगों और व्यापारियों के लिए बिजली की दरों में कोई इजाफा नहीं किया जा रहा।
62.25 लाख उपभोक्ताओं की खपत है 300 यूनिट तक
राज्य सरकार के उक्त एलान से प्रदेश के करीब 73.80 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 62.25 लाख उपभोक्ताओं को सीधे लाभ होगा, क्योंकि उनकी बिजली की मासिक खपत 300 यूनिट से अधिक नहीं है। पीएसपीसीएल के आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ताओं की औसत संख्या लगभग 62.25 लाख है, जिसे अब तक की खपत के पैटर्न के आधार पर निर्धारित किया गया है। यह संख्या कुल उपभोक्ताओं का 84 फीसदी है।
उपभोक्ताओं की श्रेणियों के अनुसार जारी है सब्सिडी
पीएसपीसीएल की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब सरकार पहले से घरेलु उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों को प्रति वर्ष 3998 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी दी जा रही है। इसमें एससी, बीसी व बीपीएल श्रेणी के करीब 21.83 लाख उपभोक्ताओं को 1657 करोड़ रुपये सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा मौजूदा नीतिक (64.46 लाख उपभोक्ता) के अनुसार सात किलोवाट तक लोड क्षमता वाले उपभोक्ताओं को 2341 करोड़ रुपये सालाना सब्सिडी दी जाएगी। यह सारी कुल 3998 करोड़ रुपये प्रति वर्ष बनती है। सभी उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली के फैसले से कुल सब्सिडी की राशि बढ़कर 5500 करोड़ पर पहुंच सकती है।
बिजली की खपत बढ़ने के आसार
पीएसपीसीएल का यह भी मानना है कि इस फैसले से राज्य में बिजली की खपत बढ़ेगी क्योंकि अब तक जो उपभोक्ता प्रति माह 150 यूनिट बिजली खर्च कर रहे थे, वह अब 300 यूनिट तक खर्च करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि उन्हें इसका बिल नहीं देना होगा।
एक मीटर वाली बहुमंजिली इमारतों को लाभ नहीं
प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ ऐसे मकानों में रहने वालों को संभवत: नहीं हो सकेगा, जो बहुमंजिली हैं और पूरी इमारत के लिए जहां बिजली का एक ही मीटर लगा है। उदाहरण के तौर पर, अगर एक इमारत में तीन मंजिल हैं और तीन परिवार रह रहे हैं तो एक ही मीटर होने पर तीनों परिवारों द्वारा खर्च की गई कुल बिजली के यूनिट 600 से ज्यादा हो जाएंगे। ऐसे में, तीनों ही परिवारों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा और उन्हें पूरा बिल अदा करना होगा।
केजरीवाल ने भगवंत मान को दी बधाई
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में 300 यूनिट बिजली फ्री देने के एलान का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट किया, भगवंत जी,इस शानदार निर्णय के लिए बहुत बधाई। हमने अपना पहला वादा पूरा किया। हम जो कहते हैं, करते हैं। दूसरी पार्टियों की तरह झूठे वादे नहीं करते। अब साफ नीयत वाली ईमानदार, देशभक्त सरकार आ गई है। भ्रष्टाचार खत्म करके पैसे बचाएंगे। पंजाब की तरक्की में पैसे की कमी नहीं होने देंगे।
हमने जो कहा, वह किया आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को पंजाब के हर घर को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का चुनावी वादा पूरा करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की। चड्ढा ने ट्वीट किया, हमने जो कहा, वह किया। दिल्ली के बाद पंजाब के लोगों को भी मुफ्त बिजली मिलेगी। दिलचस्प बात यह है कि यह घोषणा उस दिन की गई, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार ने पंजाब में अपना पहला महीने का कार्यकाल पूरा किया है।