आर्थिक मोर्चे पर एक और बुरी ख़बर है। नवंबर महीने में भारत का व्यापार घाटा पिछले 9 साल की सबसे बुलंदी पर पहुंच गया है।
फिलहाल व्यापार घाटा 23.3 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो पिछले साल की समान अवधि में करीब 10 अरब अमेरिकी डॉलर था।
इससे पहले 2012 में भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड उंचाई पर था, जब देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ गए थे।
भारत ने नवंबर महीने में जितना निर्यात किया, उसका लगभग दोगुना आयात किया है।
कैलकुलेशन से पता चलता है कि सिर्फ नवंबर महीने में निर्यात के मुक़ाबले भारत का आयात 56% ज़्यादा है।
साफ़ है कि मोदीजी का आत्मनिर्भर भारत का नारा एक जुमले से ज़्यादा और कुछ नहीं है।
देश को बार-बार इतिहास के गर्त में घसीटने वाला कभी नया इतिहास नहीं बना
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