गुजराती बहुल क्षेत्र से चुनाव जीतकर हुईं BMC महापौर
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए रितु तावड़े को महापौर पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
महापौर का पद इस बार महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित था, और भाजपा ने सबसे ज़्यादा सीटें जीतने के साथ ही इसे अपने पक्ष में सुरक्षित करने के लिए तावड़े को अपना नेता चुना है।
अगर सब योजनानुसार होता है, तो यह पहला मौका होगा जब भाजपा का उम्मीदवार मुंबई का महापौर बनेगा, जो राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से शहर के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
रितु तावड़े कौन हैं? – विस्तृत पृष्ठभूमि
रितु तावड़े का जन्म 18 अप्रैल 1973 को हुआ। उन्होंने एस.वाई.बी.कॉम (S.Y.B.Com) तक शिक्षा प्राप्त की है।
उनके परिवार में उनके पति राजेश तावड़े (उद्यमी), एक बेटा यश (कंप्यूटर इंजीनियर) और एक बेटी मधुरा (अधिवक्ता) शामिल हैं।
उनका राजनीतिक करियर पारिवारिक राजनीति नहीं बल्कि स्वयं संघर्ष और जनसेवा के जरिए बना है। तावड़े ने स्थानीय मुद्दों पर लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है और लोगों के बीच एक सशक्त जनप्रतिनिधि के रूप में खुद को स्थापित किया है।
राजनीतिक अनुभव और उपलब्धियाँ
• प्रभाग 127 (2012): चुनाव जीतकर तावड़े ने राजनीति में अपनी शुरुआत की और स्थानीय समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाने का काम शुरू किया।
• प्रभाग 121 (2017): दूसरी बार उन्होंने जीत हासिल की, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव और मजबूती से स्थापित हुआ।
• प्रभाग 132 (2025): इस बार हजारों मतों के अंतर से जीतकर उन्होंने स्पष्ट समर्थन हासिल किया।
वे महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं, जहां उन्होंने महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक विस्तार के लिए काम किया।
सामाजिक प्रभाव – मराठी और गुजराती दोनों समुदायों में पहचान
रितु तावड़े स्वयं मराठी समुदाय से हैं, लेकिन उन्होंने गुजराती बहुल क्षेत्र (घाटकोपर) से चुनावी जीत दर्ज की है।
भाजपा उन्हें एक आक्रामक मराठी चेहरा मानती है — ऐसा नेता जो भिन्न समुदायों को जोड़ने, स्थानीय समस्याओं को उठाने और निर्णायक कार्रवाई के लिए खड़ा होने की क्षमता रखता है।
जन-हित के काम और सामाजिक आंदोलनों में भूमिका
पानी माफियाओं के खिलाफ ‘हंडा मोर्चा’
घाटकोपर में पानी की गंभीर किल्लत के खिलाफ रितु तावड़े ने हंडा मोर्चा निकाला, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े।
यह पहल पानी की उपलब्धता और पारदर्शिता के मुद्दों पर जनता की आवाज़ को बुलंद करने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
महिला नेतृत्व और आर्थिक सशक्तिकरण
वे महिला आर्थिक विकास महामंडल की पूर्व निदेशक भी रह चुकी हैं, जहां उन्होंने हजारों महिलाओं को रोजगार दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके आंदोलन तब भी सुर्खियों में आये, जब उन्होंने महिलाओं के सम्मान और अश्लील विज्ञापनों के खिलाफ आंदोलन किया — इस संघर्ष की चर्चा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची।
बीएमसी चुनाव में घोषणाएँ और जनसेवा वादे
बीएमसी चुनाव के दौरान रितु तावड़े ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य है:
“शासन आपकी दारी” — जनता के दरवाज़े तक प्रशासन की पहुँच
“लाडकी बहीण” — महिलाओं एवं युवाओं के कल्याण को प्राथमिकता
उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी महापौर पद की उम्मीदवारी से प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास-उन्मुख नीतियाँ आएंगी।
महापौर पद के लिए मतदान की रूपरेखा
बीएमसी महापौर पद के लिए मतदान 11 फरवरी को सुबह 11:30 बजे BMC मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।
इस चुनाव से न केवल शहर के प्रशासनिक भविष्य पर असर पड़ेगा, बल्कि यह राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय नेतृत्व की दिशा को भी प्रभावित करेगा।
विश्लेषण: क्या है मायने?
• यह पहली बार है जब भाजपा का उम्मीदवार मुंबई महापौर बनने जा रहा है।
• रितु तावड़े के नेतृत्व को एक समुदाय-सापेक्ष और प्रशासनिक बदलाव के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
• स्थानीय समस्याओं पर पकड़ और सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका की वजह से उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है।
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