Mumbai : ठाणे महानगरपालिका (TMC) के महापौर पद की दौड़ में आगे माने जा रहे शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक गणेश कांबले अब विवादों में घिर गए हैं। उनकी पहली पत्नी कैरोलिन उर्फ कैरल कांबले ने चुनाव आयोग सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद उनकी महापौर पद की दावेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
क्या हैं आरोप?
कैरोलिन कांबले का दावा है कि वही गणेश कांबले की कानूनी पत्नी हैं। उनका कहना है कि दोनों ने साल 2013 में प्रेम विवाह किया था और उनके दो बेटे हैं। वैवाहिक विवाद के बाद 2019 से दोनों अलग रह रहे हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर तलाक नहीं हुआ।
पत्नी का आरोप है कि इसके बावजूद गणेश कांबले ने साल 2021 में प्रिया उबाले नाम की महिला से दूसरी शादी की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 20 जून 2022 को एक बेटी का जन्म हुआ। यानी नामांकन पत्र में दो पत्नियों और तीन बच्चों की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया है।
आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने का आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि गणेश कांबले के खिलाफ ठाणे के अलग-अलग पुलिस थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुछ मामले गंभीर प्रकृति के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन मामलों का भी नामांकन फॉर्म में उल्लेख नहीं किया गया।
शैक्षणिक प्रमाणपत्र पर भी सवाल
कैरोलिन कांबले ने यह भी आरोप लगाया है कि कांबले ने अपनी शैक्षणिक योग्यता को लेकर गलत जानकारी दी है। उनके मुताबिक, वे सिर्फ 7वीं पास हैं, जबकि 10वीं पास का सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया गया है, जो कथित तौर पर फर्जी है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गणेश कांबले ठाणे के कलवा इलाके के वार्ड क्रमांक 9-ए से नगरसेवक चुने गए हैं। इससे पहले भी वे नगरसेवक रह चुके हैं। इस बार महापौर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण उनका नाम मजबूत दावेदारों में लिया जा रहा था और पार्टी स्तर पर भी उन्हें समर्थन मिलने की चर्चा थी।
लेकिन पत्नी की शिकायत के बाद पूरा समीकरण बदलता दिख रहा है।
अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
कैरोलिन कांबले ने चुनाव आयोग, पुलिस आयुक्त, महापालिका आयुक्त और जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर गणेश कांबले का नगरसेवक पद रद्द करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सांसद श्रीकांत शिंदे से मुलाकात कर उन्हें महापौर न बनाए जाने की अपील भी की है।
कांबले का पक्ष नहीं आया सामने
इन आरोपों को लेकर गणेश कांबले से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। ऐसे में फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत के आधार पर हैं, जिनकी आधिकारिक जांच और पुष्टि होना बाकी है।
अब देखना होगा कि जांच के बाद यह मामला ठाणे की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।
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