Mumbai : नागपुर | Bandhu News
महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे सुर्खियों में हैं। लंबे समय तक चुप्पी साधे रखने के बाद अब तुकाराम मुंडे ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा विधायक कृष्णा खोपडे पर तीखा हमला बोला है।
नागपुर के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान विधायक कृष्णा खोपडे द्वारा विधानसभा में उठाए गए आरोपों के बाद यह मुद्दा खासा चर्चा में रहा। विधायक ने दावा किया था कि 2020 में नागपुर महानगरपालिका में कार्यरत रहते हुए तुकाराम मुंडे ने बिना अधिकार के स्मार्ट सिटी परियोजना में हस्तक्षेप किया और अयोग्य ठेकेदारों को भुगतान कर करीब 20 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।
हालांकि, सरकार की ओर से बाद में यह स्पष्ट किया गया कि जांच में तुकाराम मुंडे निर्दोष पाए गए हैं और उन्हें क्लीन चिट दी गई है।
अधिवेशन समाप्त होने के बाद एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में तुकाराम मुंडे ने कहा,
“कुछ लोग अपनी मनमानी चलाना चाहते थे। जब मैंने इसकी इजाजत नहीं दी, तभी से मेरे खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। एक ईमानदार अधिकारी को आखिर कितनी बार परेशान किया जाएगा?”
उन्होंने आगे कहा कि जांच में बार-बार निर्दोष साबित होने के बावजूद उन्हीं आरोपों को दोहराकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। नागपुर में कार्यकाल के दौरान नियमों के अनुसार काम करने की कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है।
इस बयान के बाद एक बार फिर प्रशासन बनाम राजनीति की बहस तेज हो गई है। एक तरफ विधायक के गंभीर आरोप, तो दूसरी ओर सरकार की क्लीन चिट और अब तुकाराम मुंडे का खुला पलटवार — आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

