नई दिल्ली, 29 अगस्त:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को एक अहम फैसले में IRS अधिकारी एवं पूर्व NCB जोनल निदेशक समीर वानखेड़े की पदोन्नति का रास्ता साफ कर दिया। अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ लंबित जांच को आधार बनाकर पदोन्नति रोकी नहीं जा सकती।
केंद्र सरकार ने अपनी दलील में कहा था कि वानखेड़े पर गंभीर आरोप हैं और उनके खिलाफ CBI व ED की जांच लंबित है। हालांकि, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने साफ कहा कि वानखेड़े के खिलाफ फिलहाल न तो कोई विभागीय कार्यवाही लंबित है और न ही कोई चार्जशीट दाखिल हुई है।
कोर्ट का आदेश
UPSC की सिफारिश पर सरकार विचार करे।
यदि नाम अनुशंसित है तो वानखेड़े को अतिरिक्त आयुक्त (Additional Commissioner) पद पर प्रमोशन दिया जाए।
CAT के दिसंबर 2024 के आदेश को बरकरार रखा गया।
सील कवर खोलकर वानखेड़े को 1 जनवरी 2021 से पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
कानूनी पक्ष
वानखेड़े की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर नंद्राजोग और अरविंद नायर पेश हुए।
केंद्र की ओर से अधिवक्ता आशीष दीक्षित ने दलीलें दीं।
IRS अधिकारी समीर वानखेड़े अपने सख़्त और बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं। ड्रग्स से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करते हुए उन्होंने कई बड़े नामों को कटघरे में खड़ा किया। इसी कारण वे अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं।
ताज़ा ख़बरों और लाइव अपडेट्स के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें – +91 7710 888 888
पढ़ें विश्वसनीय हिंदी खबरें – www.BandhuNews.in