2500 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी मामले में एंटी नॉरकोटिक्स सेल की बड़ी कार्रवाई, मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का मालिक अरेस्ट
अम्बरनाथ की NAMAU CHEMICAL FACTORY में ही इस मामले का मुख्य आरोपी प्रेम शंकर सिंह ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग करवाता था. एंटी नारकोटिक्स सेल ने 2500 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी मामले में अब फैक्ट्री के मालिक समेत 8वीं गिरफ्तारी की है. आरोप है कि इस फैक्ट्री के मालिक से ही मुख्य आरोपी प्रेम शंकर सिंह मोटा कमीशन देकर बड़े स्तर पर ड्रग्स तैयार करवाता था.

एंटी नारकोटिक्स सेल (Anti Narcotics Cell) को 2500 करोड़ रुपए की ड्रग्स (Drugs) बरामदगी मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है. एंटी नॉरकोटिक्स सेल ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अम्बरनाथ से एक केमिकल कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है. इस कंपनी के मालिक को पुलिस ने ड्रग्स बनाने की साजिश में शामिल होने के चलते गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, नामऊ केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक 54 वर्षीय जिनेंद्र वोरा सिंह से पूछताछ में नाम आने के बाद से ही सवालों के घेरे में थे। उन्हें 10 सितंबर को एएनसी की वर्ली यूनिट में बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। उनके मैनेजर किरण पवार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है

एंटी नारकोटिक्स सेल ने ढाई सौ करोड़ की ड्रग्स बरामदगी मामले में अब फैक्ट्री के मालिक समेत 8वीं गिरफ्तारी की है. आरोप है कि इस फैक्ट्री के मालिक से ही मुख्य आरोपी प्रेम शंकर सिंह मोटा कमीशन देकर बड़े स्तर पर ड्रग्स तैयार करवाता था. मुख्य आरोपी कंपनी के मालिक को प्रति किलो के हिसाब से मोटा कमीशन अदा करता था. बताते चलें कि पिछले महीने ही एंटी नॉरकोटिक्स सेल ने इस कंपनी में छापा मारा था और ड्रग्स के इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया था. सेल ने जिस कंपनी मालिक को गिरफ्तार किया है उसका नाम जिनेन्द्र बोरा है. हालांकि इससे पहले नारकोटिक्स टीम कंपनी के मैनेजर किरण पवार को भी गिरफ्तार कर चुकी है
जानकारी के मुताबिक केमिकल कंपनी की आड़ में यहां पर एमडी ड्रग्स की बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग की जाती थी. उसके बाद यहां से ड्रग्स गाड़ियों से नालासोपारा ड्रग्स फैक्ट्री पहुंचाई जाती थी. इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने एमडी ड्रग्स बनाने के दौरान आने वाली गंदी बदबू के चलते इसे बाद में बनाने से मना कर दिया था, जिसके बाद मुख्य आरोपी प्रेम शंकर सिंह ने मैन्युफैक्चरिंग को गुजरात के भरूच की एक केमिकल कंपनी में शिफ्ट कर दिया था.
पता चला है कि सिंह ने वोरा की फैक्ट्री में कम से कम चार बार मेफेड्रोन बनाया था और उसे 35 लाख रुपये तक का नकद भुगतान किया था।
DCP ANC पुलिस उपायुक्त दत्ता नलवाडे, एएनसी ने पुष्टि की कि वोरा को गिरफ्तार कर लिया गया है।