Mumbai : मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में स्थित गोकुल बार एंड रेस्टोरेंट को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यहां नियमों का बार-बार उल्लंघन हो रहा है, लेकिन कार्रवाई केवल औपचारिक जुर्माने तक सीमित रखी जा रही है।
गोकुल बार पर रातभर अवैध संचालन का आरोप, जांच की मांग
मुंबई | BandhuNews विशेष रिपोर्ट
मुंबई के कोलाबा क्षेत्र स्थित गोकुल बार एंड रेस्टोरेंट को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यहां कथित तौर पर नियमों का बार-बार उल्लंघन हो रहा है, जबकि कार्रवाई केवल औपचारिक जुर्माने तक सीमित रही है।
नाइट ड्यूटी PI का बयान चर्चा में
नाइट ड्यूटी पर तैनात PI विशाली पवार का कथित बयान सामने आया है:
“हम सिर्फ फाइन कर सकते हैं, FIR दर्ज करना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।”
यह बयान कई सवाल खड़े करता है —
क्या दोहराए गए उल्लंघन पर केवल जुर्माना पर्याप्त है?
क्या यह प्रक्रिया की सीमा है या प्रशासनिक कमजोरी?
ड्राई डे पर कथित बिक्री का आरोप
ड्राई डे पर कथित बिक्री से संबंधित वीडियो प्रस्तुत किए जाने के बावजूद केवल ₹12,000 का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि गंभीर आरोपों के बावजूद कोलाबा पुलिस द्वारा FIR दर्ज नहीं की गई।
निवेश के नाम पर करोड़ों की उगाही का दावा
बार प्रबंधन पर “इन्वेस्टमेंट” के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये जुटाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस संबंध में मुंबई पुलिस से लेकर CMO कार्यालय तक शिकायतें की गई हैं।
शिकायतकर्ता रशीद अंसारी के अनुसार, सुशीला जया पुजारी, दिनेश पुजारी और हरीश पुजारी के नाम सामने आए हैं। निवेश के नाम पर बड़ी रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में कोलाबा पुलिस थाने में तीनों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने वालों को कथित रूप से झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे कई लोग खुलकर सामने आने से डर रहे हैं।
BMC नोटिस के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
जानकारी के अनुसार, BMC A Ward द्वारा संबंधित परिसर को नोटिस जारी किया गया था।
हालांकि, ज़मीनी स्तर पर किसी ठोस तोड़क (डिमोलिशन) कार्रवाई की पुष्टि सामने नहीं आई है।
इससे यह प्रश्न उठता है —
क्या नोटिस केवल औपचारिकता तक सीमित हैं?
क्या कार्रवाई का डर केवल आम नागरिकों के लिए है?
एक्साइज विभाग की भूमिका पर भी प्रश्न
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि देर रात की गतिविधियों से जुड़े वीडियो और बिलों के साथ एक्साइज विभाग में भी शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक निर्णायक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
BandhuNews की मांग
पूरे मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच हो।
यदि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाएं, तो नियमानुसार FIR दर्ज की जाए।
पुलिस, एक्साइज और BMC की भूमिका की समीक्षा की जाए।
शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कानून सबके लिए समान होना चाहिए।यदि आरोप सही हैं, तो कार्रवाई भी उतनी ही सख्त होनी चाहिए।
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Disclaimer: यह रिपोर्ट शिकायतों, उपलब्ध दस्तावेजों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि सक्षम जांच एजेंसियों द्वारा ही की जा सकती है।

