बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के एक शख्स को मक्का-मदीना जाने की अनुमति दे दी है। आप सोचेंगे कि इसमें खास क्या है? मामला अलग इसलिए है क्योंकि इस शख्स पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप है और इसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी है। हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उसे यह परमिशन दी है।
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक शख्स के मक्का-मदीना जाने का रास्ता साफ कर दिया है। धोखाधड़ी से जुड़ा आपराधिक मामला शख्स की धार्मिक यात्रा में रुकावट बन रहा था, मगर कोर्ट ने अब न सिर्फ शख्स के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर(एलओसी) पर अंतरिम रोक लगाई है,
बल्कि जांच एजेंसी को उसका पासपोर्ट भी लौटाने का निर्देश दिया है। ईओडब्ल्यू ने शख्स के खिलाफ 2022 में आईपीसी की धारा 420, 419, 465, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले के चलते शख्स का पासपोर्ट जांच एजेंसी की कस्टडी में था और उसके खिलाफ एलओसी जारी की गई थी। इसलिए शख्स ने राहत के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका के मुताबिक, शख्स परिवार के साथ 2 अप्रैल 2024 से 17 अप्रैल 2024 के बीच मक्का-मदीना जाने की योजना बनाई है, मगर आपराधिक केस की वजह से उसकी यात्रा मुश्किल में पड़ गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ ईओडब्ल्यू यूनिट दो के पास केवल एक मामला दर्ज है। याचिकाकर्ता की मुंबई और पुणे में अचल संपत्ति है। इस संबंध में उन्होंने अंडरटेकिंग भी दी है। सरकारी वकील ने भी कोर्ट में कहा कि आरोपी के खिलाफ केवल एक केस दर्ज है।