इस्लामाबाद के जिला और सत्र न्यायालय ने इमरान ख़ान को तोशाखाना मामले में दोषी पाते हुए उन्हें तीन साल जेल की सज़ा सुनाई है, साथ ही उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
इमरान ख़ान पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. कोर्ट ने पीएम पद पर रहते हुए उन्हें मिले सरकारी तोहफ़े बेचने और उससे होने वाली आय का ब्योरा न देने का आरोप लगाया है. इमरान ने उन पर लगे आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वो इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे.
जज ने अपने फ़ैसले में इमरान ख़ान की तुरंत गरफ्तारी के आदेश दिए, जिसके बाद उन्हें लाहौर में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है.
इमरान ख़ान साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुने गए थे, लेकिन बीते साल एक अविश्वास प्रस्ताव में हार जाने के बाद उन्हें पद से हटना पड़ा.
इस्लामाबाद पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक़ इमरान ख़ान से जुड़े मामले की सुनवाई के मद्देनज़र शहर राजधानी में हाई अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा के बेहद कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
पाकिस्तान चुनाव आयोग के वकील अमजद परवेज़ का कहना है कि इस अदालत से सज़ा मिलने पर इमरान ख़ान अब पांच साल तक के लिए चुनावों में हिस्सा लेने के अयोग्य हो जाएंगे.