कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से मुंबई समेत महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन लगा है. मुंबई में कोरोना वायरस की इस नई लहर का शिकार इस बार यहां की बड़ी-बड़ी सोसाइटी और कॉलोनी हो रही हैं, जबकि इस बार मुंबई के स्लम इलाकों में पहले के मुकाबले कम केस सामने आए हैं.
देश के अलग-अलग हिस्सों की तरह ही आर्थिक राजधानी मुंबई भी कोरोना की मार से जूझ रही है. कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से मुंबई समेत महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन लगा है. मुंबई में कोरोना वायरस की इस नई लहर का शिकार इस बार यहां की बड़ी-बड़ी सोसाइटी और कॉलोनी हो रही हैं, जबकि इस बार मुंबई के स्लम इलाकों में पहले के मुकाबले कम केस सामने आए हैं.
बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, अभी मुंबई में 87 हज़ार से अधिक कोरोना के एक्टिव केस हैं. इनमें से करीब 90 फीसदी मामले मुंबई की सोसाइटी, कॉलोनी और अन्य इलाकों से हैं. जबकि दस फीसदी से भी कम मामले मुंबई के बस्ती वाले इलाकों से हैं.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि मुंबई में इस वक्त करीब 79,032 केस नॉन-स्लम इलाकों में हैं. जबकि करीब 8411 मामले मुंबई की अलग-अलग बस्तियों से हैं. बता दें कि एक वक्त मुंबई की बस्तियां जिसमें धारावी का इलाका सबसे अहम है, वो ही शहर में कोरोना हॉटस्पॉट के तौर पर उभरी थीं.
जुलाई 2020 के वक्त करीब 57 फीसदी केस बस्तियों में थे, तब सिर्फ 16 फीसदी ही नॉन स्लम में थे. लेकिन अब पूरी तरह से कहानी बदल गई है.