ड्रग्स के सेवन के बारे में तो आपने पढ़ा होगा, लेकिन आज ड्रग्स से नुकसान के बारे में यहां पढ़ें विस्तार से

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कहते हैं शराब या ड्रग्स कुछ समय के लिए आपकी सभी परेशानियों को दूर कर देते हैं लेकिन, आपने कभी ये सोचा है की ड्रग्स से नुकसान भी होता है। ड्रग्स से शरीर पर किस तरह से नकारत्मक प्रभाव पड़ता है, साथ ही, मानसिक तौर पर ड्रग्स से नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं,

इसके बारे में बात करने वाले हैं। यूनाइटेड नेशन के एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 30 प्रतिशत ड्रग्स का उपयोग हर साल बढ़ रहा है। आज जानेंगे हेरोइन (Heroin), कोकीन (Cocaine), मेथ (Meth) और एलएसडी (LSD) जैसे ड्रग्स से नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

हेरोइन, कोकीन, मेथ और LSD ड्रग्स से जुड़ी जानकारी के लिए Healthenablr India में बतौर कंसल्टेंट डॉ. बलबीर सिंह कोहली कहते हैं कि, ज्यादातर ड्रग्स का इस्तेमाल मेडिकल पर्पस के लिए किया जाता है। जैसे पेनकिलर या एनेस्थीसिया के लिए किया जाता है और इन ड्रग्स का इस्तेमाल बिना मेडिकल पर्पस के करने से यह शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

एडिक्शन सेंटरस डॉट इन के अनुसार हाल ही में हुए रिसर्च के अनुसार भारत में 1 मिलियन हेरोइन एडिक्ट्स रजिस्टर किये गए हैं। इसके अलावा ब्लैक मार्केट में अफीम की खरीदरारी में भी भारत आगे है।

जब शरीर में ओरल या इंजेक्शन की मदद से हेरोइन का सेवन किया जाता है तो इसका सीधा असर ब्रेन (मस्तिष्क) पर पड़ता हैं। इससे डोपामाइन रिलीज होता है। डोपामाइन शरीर में मौजूद एक कार्बनिक रसायन है, जो एक न्यूरोट्रांसमीटर के रूप में कार्य करता है। इसके अलावा डोपामाइन हार्मोन हो खुशी का एहसास कराने वाला हार्मोन भी माना जाता है।

कोकीन को कोक, फ्लैक स्नो, तुत, ब्लो, नोज कैंडी, लिक्विड लेडी, स्पीडबॉल, क्रैक और रॉक कैसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल टोपिकल एनेस्थेटिक के तौर से किया जाता है। इसका सेवन सीधे नाक से, मसूड़ों पर लगा कर, पानी में मिलाकर पीने से या फिर इंजेक्शन से किया जाता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार मेथ मेथम्फेटामिन क्रिस्टल का एक फॉर्म है। इसके सेवन से सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दरअसल हेरोइन ड्रग्स की तरह इसके सेवन से डोपामाइन रिलीज होने होने लगती है। अन्य ड्रग्स के मुकाबले इसकी मात्रा काफी ज्यादा होती है।

यह जिलेटिन या टेबलेट के रूप में आते हैं। इस ड्रग का कोई मेडिकल उपयोग नहीं है। माना जाता है इसके सेवन के 13 से 19 मिनट के बाद इसका असर व्यक्ति पर पड़ने लगता है।

सबसे पहले तो, कोशिश करें कि कभी भी इन ड्रग्स का सेवन न करें। अधिकतर ड्र्ग्स एडिक्ट्र पहली से दूसरी बार में ही इन ड्रग्स के आदी हो जाते हैं। ये शरीर में खुशी का एहसास कराने वाले हार्मोन्य को रिलीज करते हैं, जिससे हमारी ब्रेन भी इसके लिए प्रक्रिया करने लगती है। अगर आपको ड्रग्स की लत है, तो आप इसे छुड़ाने के अलग-अलग प्रयास कर सकते हैं। ऐसे कई नशा मुक्ति केंद्र हैं जिनकी मदद से आप आसानी से ड्रग्स से नुकसान से बचाव कर सकते हैं।

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