सोशल मीडिया पर हर कोई आज मिर्जापुर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली सानिया की तारीफें करते नहीं थक रहा.
टीवी मैकेनिक की बेटी सानिया बनी फाइटर पायलट, पिता बोले-दिल को छू गई थी बेटी की एक बात, इसलिए कराई तैयारी
मिर्जापुर ,
23 दिसंबर
पिता के साथ फाइटर पाइलट बनीं सानिया मिर्जा
सोशल मीडिया पर हर कोई आज मिर्जापुर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली सानिया की तारीफें करते नहीं थक रहा. सानिया ने वायु सेना में भारत की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है. उन्होंने एनडीए की परीक्षा में 148वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस सफलता के पीछे उनके टीवी मैकेनिक पिता शाहिद का बड़ा रोल है. उन्होंने बताया कि कैसे 12वीं पास करने के बाद बेटी से जब मैंने उसका सपना पूछा तो उसके जवाब ने मुझे पूरी तरह बदल दिया. मैंने उसकी तैयारी में पूरी मदद की, अपनी मेहनत लगन और संघर्ष से आज वो इस मुकाम पर पहुंची है.
सानिया मिर्जा देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के छोटे से गांव जसोवर की रहने वाली हैं. उनके पिता शाहिद टीवी मैकेनिक का काम करते हैं.
शाहिद कहते हैं कि जब सानिया ने अपना स्कूल टॉप किया तो मुझे लगा कि बेटी में कुछ तो बात है जो इस तरह कंपटीशन में टॉपर है. बिना ट्यूशन या गाइडेंस के उसने 12 वी मैं टोपर रही
अब फाइटर पायलट बनकर अपने परिवार के लिए बहुत कुछ करना चाहती हैं. उन्हें म्यूजिक का शौक है, पियानो और गिटार बजाना पसंद है,