अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनआई ने मुंबई के 20 ठिकानों पर छापेमारी की है।
NIA Raid on D Company: दाऊद इब्राहिम गैंग पर एनआईए की छापेमारी जारी है। मुंबई में करीब 20 स्थानों पर यह छापेमारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, NIA ने बोरिवली, सांताक्रूज, बांद्रा, नागपाड़ा, गोरेगांव, परेल के 20 ठिकानों पर छापे मारे हैं। यह दाऊद और उसके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। वही एफआईआर, जहां ईडी ने जांच शुरू की थी और नवाब मलिक का कनेक्शन मिला था। D कंपनी के खिलाफ पहले ही NIA ने एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
डी कंपनी संयुक्त राष्ट्र द्वारा बैन आतंकी संगठन है जिसे दाऊद इब्राहीम द्वारा संचालित किया जाता है। दाऊद 1993 में हुए मुंबई धमाकों का मुख्य आरोपी है जिसे 2003 में यूएन ने ग्लोबल आतंकी माना था। दाऊद फिलहाल पाकिस्तान में रह रहा है और उस पर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम भी रखा गया था।
NIA की इन पर भी है नजर
बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने दाऊद और डी कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसे लेकर अब जांच और छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए दाऊद और डी कपंनी पर ही नहीं बल्कि छोटा शकील, जावेद चिकना, टाइगर मेनन, दाऊद की बहन हसीना पारकर (मृत) से जुड़ी गतिविधियों पर भी कार्रवाई करेगी। NIA के मुताबिक भारत में कई स्थानों पर छोटा शकील, जावेद चिकना, इकबाल मिर्ची और अन्य लोगों के साथ मिलकर दाऊद ने अपना नेटवर्क खड़ा किया था। यह लोग रसूखदार, बिजनेसमैन को अपना निशाना बनाते थे। एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भारतभर में हुई कई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में दाऊद की संलिप्तता के बारे में हमारे साथ जानकारी साझा की गई थी।
आईएसआई ने दाऊद और उसके गिरोह का किया था इस्तेमाल
गौरतलब है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसके गिरोह का इस्तेमाल करके मुंबई को दहलाया था और बदले में दाऊद को कराची में शरण दी थी। 12 मार्च 1993 की काली तारीख मुंबई कभी नहीं भूल सकती। एक के बाद एक 13 बम धमाकों ने शहर को दहला दिया था। 257 लोगों की जान गई थी और 750 लोग घायल हुए थे।
बता दें, दाऊद इब्राहिम इस वक्त पाकिस्तान में छिपा हुआ है।