Mumbai : मुंबई/गोवा:
देश की सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में केंद्रीय एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
Maharashtra Bandhu News की जांच के बाद मिले इनपुट पर काम करते हुए ब्यूरो ने गोवा में एक महिला को हिरासत में लिया है। मामले में जासूसी (Espionage) और पाकिस्तान कनेक्शन के एंगल से भी जांच की जा रही है.


क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला कई वर्षों से भारत में रह रही थी और चुनाव के दौरान मतदान करने का आरोप भी सामने आया है, जो यदि सही पाया जाता है तो यह गंभीर कानूनी उल्लंघन माना जाएगा।
धोखाधड़ी के जरिए भारतीय पासपोर्ट हासिल करने का आरोप
पहले से विदेशी (ईरानी) पासपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा
पाकिस्तान यात्रा और वैवाहिक संबंधों की जानकारी सामने आई
OCI प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी छुपाने का मामला
फरवरी से ही इस दंपति पर एजेंसियों की नजर थी, जिसके बाद पुख्ता जानकारी मिलने पर गोवा में कार्रवाई की गई।
कानून क्या कहता है?
संविधान का अनुच्छेद 9
Citizenship Act 1955, Section 9
इनके अनुसार:
विदेशी नागरिकता लेने पर भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त
भारतीय और विदेशी पासपोर्ट साथ रखना गैरकानूनी
एक व्यक्ति के पास दो भारतीय पासपोर्ट भी अवैध
ऐसे मामलों में Passports Act 1967 और अन्य आपराधिक धाराएं लागू हो सकती हैं।
जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर काम कर रही हैं:
फर्जी दस्तावेज़ (Aadhaar, PAN, Birth Certificate)
Tatkal पासपोर्ट प्रक्रिया का दुरुपयोग
पुलिस वेरिफिकेशन में अनियमितता
एजेंट नेटवर्क और “स्पीड मनी”
पति पर भी गंभीर आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पति जो एक स्कूल टीचर बताया जा रहा है,
पिछले 8 वर्षों से कथित रूप से कई अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है:
फर्जी दस्तावेज बनाना
अवैध संस्थान चलाने का आरोप
मनी लॉन्ड्रिंग
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए संदिग्ध लेन-देन
कई बार पाकिस्तान जाने की जानकारी
फर्जी मदरसा चलाने का आरोप
मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए संदिग्ध लेन-देन
सूत्रों के मुताबिक, 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति की जांच की जा रही है।
कानून और जांच
भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। ऐसे मामलों में Passports Act 1967 समेत कई धाराएं लागू हो सकती हैं।
फिलहाल एजेंसियां हर एंगल — पासपोर्ट फर्जीवाड़ा, पाकिस्तान कनेक्शन और जासूसी — की गहराई से जांच कर रही हैं।
किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार जरूरी है।
यह मामला देश की सुरक्षा, पासपोर्ट सिस्टम और नेटवर्क आधारित फर्जीवाड़े पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में और बड़े खुलासे संभव हैं।
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