नई दिल्ली : 4 मार्च 2026: केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission – NLM) के तहत अब गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। योजना का उद्देश्य देश में तेजी से घट रही गधों की संख्या को बचाना और ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
गधों की संख्या में तेज गिरावट
2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार, भारत में केवल 1.23 लाख गधे बचे हैं, जो 2012 की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत कम हैं। पहले ईंट-रेत और अन्य बोझ ढोने के काम में इस्तेमाल होने वाले गधों की उपयोगिता मशीनों के बढ़ते चलन से कम हो गई है। परिणामस्वरूप कई नस्लें विलुप्ति के कगार पर हैं।
क्या है योजना का प्रावधान?
NLM के Entrepreneurship Development घटक के तहत गधा, घोड़ा और ऊंट पालन पर 50% पूंजीगत सब्सिडी।
अधिकतम सब्सिडी सीमा: 50 लाख रुपये।
1 करोड़ रुपये की परियोजना पर 50 लाख रुपये तक सहायता।
सब्सिडी दो किश्तों में: पहली बैंक ऋण स्वीकृति पर, दूसरी परियोजना पूर्ण होने पर।
न्यूनतम यूनिट साइज: 50 मादा + 5 नर गधे।
पात्रता: 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति, FPO, SHG, JLG, FCO या सेक्शन 8 कंपनी।
अतिरिक्त प्रावधान: नस्ल संरक्षण और ब्रीडिंग फार्म हेतु राज्यों को 10 करोड़ रुपये तक की सहायता।
कमाई के संभावित स्रोत
गधों का दूध: औषधीय गुणों के कारण बाजार में ऊंची कीमत।
ब्रीडिंग एवं नस्ल संरक्षण: उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं की बिक्री।
पर्यटन व परिवहन: कुछ क्षेत्रों में पारंपरिक उपयोग।
अन्य उत्पाद: कानूनी व नैतिक ढंग से।
आवेदन प्रक्रिया
योजना पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक आवेदक आधिकारिक पोर्टल (nlm.udyamimitra.in) या संबंधित राज्य के पशुपालन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि दस्तावेज और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शामिल हैं।
यह योजना न केवल संकटग्रस्त गधों की नस्लों के संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का नया मार्ग भी खोलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आवेदन से पहले विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और बाजार अध्ययन करना जरूरी है।

