मुंबई: ट्रैफिक जाम को कम करने और शहर की सड़कों पर यातायात की सुचारू गति सुनिश्चित करने के लिए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने नए नियम लागू कर दिए हैं। ये नियम 1 फरवरी से लागू हो गए हैं और इनका मुख्य लक्ष्य पीक ऑवर्स में भारी वाहनों की मौजूदगी को नियंत्रित करना है, क्योंकि पुलिस के अनुसार भारी वाहन ट्रैफिक धीमा कर देते हैं और दूसरे वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ाते हैं।
पीक ऑवर्स में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
नए आदेश के तहत अब भारी वाहनों को निम्नलिखित समय में मुंबई शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी:
सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक
शाम 5:00 बजे से 9:00 बजे तक
पुलिस का कहना है कि ये समय शहर में ट्रैफिक का सबसे व्यस्त समय होता है, और इस दौरान बड़े भारी वाहन जाम की स्थिति को और गंभीर बना देते हैं।
दक्षिण मुंबई में और भी बड़े प्रतिबंध
दक्षिण मुंबई में नियम और कड़े कर दिए गए हैं। अब यहाँ सभी भारी वाहन — लग्जरी बसों सहित — सुबह 7:00 बजे से रात 12:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे। केवल ऐसे वाहन जो आवश्यक वस्तुएं ले जा रहे हैं, उन्हें ही अनुमति दी जाएगी।
दक्षिण मुंबई में भारी वाहन केवल
रात 12:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक ही पहुंच सकेंगे।
ईस्टर्न फ्रीवे पर पूर्ण प्रतिबंध
मुंबई के ईस्टर्न फ्रीवे पर भारी वाहनों की आवाजाही दिन-रात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
हालाँकि, यात्रियों को ले जाने वाली बसों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
किन वाहनों को मिलेगी छूट?
सब्ज़ी, दूध, ब्रेड व बेकरी उत्पाद
पीने का पानी, पेट्रोल, डीज़ल और केरोसिन
एंबुलेंस और स्कूल बसें
सरकारी और अर्ध-सरकारी वाहन
लग्ज़री बसें (लेकिन दक्षिण मुंबई में नहीं)
ट्रैफिक पुलिस का बयान
संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक), अमितेश कुमार ने कहा कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य पीक ऑवर्स में सड़कों पर दबाव कम करना है। भारी और धीरे चलने वाले वाहनों के कारण ट्रैफिक की रफ़्तार कम हो जाती है, जिससे आम लोगों की यात्रा लंबी और परेशानी भरी हो जाती है।
पार्किंग नियम भी सख्त
नए ट्रैफिक नियमों के साथ पार्किंग नियम भी कड़े कर दिए गए हैं:
भारी वाहन केवल निजी/किराए की पार्किंग या अधिकृत पे-एंड-पार्क स्थानों पर ही खड़े किए जा सकेंगे
सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित होगी
पानी की सप्लाई वाले स्थानों के पास केवल दो पानी के टैंकर सड़क पर खड़े हो सकेंगे
प्रक्रिया: ड्राफ्ट से अंतिम आदेश तक
एक ट्रैफिक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पहला ड्राफ्ट आदेश सितंबर 2017 में जारी हुआ था, जिसमें जनता से सुझाव और आपत्तियाँ मांगी गई थीं। व्यापक समीक्षा के बाद अब अंतिम आदेश जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, ग्रेटर मुंबई में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि निर्माण कार्यों के कारण सड़क जगह घटती जा रही है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों की प्रतिक्रियाएं
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के चेयरमैन बल मलकीत सिंह ने इस फैसले पर नाराज़गी जताई है। उनके अनुसार यह प्रतिबंध दक्षिण मुंबई और अन्य इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल आवश्यक वाहनों को अनुमति देने से भ्रष्टाचार बढ़ सकता है और वास्तविक आवश्यक डिलीवरी प्रभावित हो सकती है।
आगे क्या होगा?
मुंबई ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि नए नियमों से पीक ऑवर्स में ट्रैफिक जाम कम होगा और सड़कें ज्यादा सुरक्षित बनेंगी। हालांकि, इन प्रतिबंधों का व्यावसायिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

