Mumbai : BMC प्रशासन और पुलिस की चुप्पी ने खड़े किए गंभीर सवाल


मुंबई | विशेष रिपोर्ट
मुंबई जैसे महानगर में, जहाँ हर छोटी बात पर आम नागरिक को नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं अंधेरी पश्चिम स्थित Aaomi Rooftop, Andheri में BMC की रूफटॉप पॉलिसी, फायर सेफ्टी नियम और सार्वजनिक सुरक्षा कानूनों को खुलेआम रौंदा जा रहा है।
2nd Floor, Gopi Chamber, Off Link Road, Oshiwara में स्थित यह रूफटॉप लंबे समय से बेकायदेशीर रूप से रात देर तक संचालित किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।


काग़ज़ों में सख़्त नियम, ज़मीन पर जीरो अमल
BMC द्वारा जारी Codified Requirements of Roof Top Serving Area और Fire Safety Norms में साफ़ तौर पर लिखा है कि—
°रूफटॉप पूरी तरह खुला होना चाहिए
°किसी भी प्रकार का कवर, किचन, हीटिंग या खुली आग प्रतिबंधित है
°निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ नहीं होनी चाहिए
°कम से कम दो सीढ़ियों से निकासी व्यवस्था अनिवार्य है
°प्रशिक्षित फायर मार्शल की मौजूदगी ज़रूरी है
°फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट, इमरजेंसी प्लान और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी अनिवार्य है
लेकिन Aaomi Rooftop में इन नियमों का पालन होता दिखना मुश्किल है।
K-West वॉर्ड प्रशासन पर उंगलियाँ
सबसे गंभीर सवाल यह है कि BMC का K-West वॉर्ड आखिर क्या कर रहा है?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद—
न तो ठोस निरीक्षण हुआन ही संचालन बंद कराया गयाऔर न ही कोई सख़्त कार्रवाई सामने आई
क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर जानबूझकर की जा रही अनदेखी?
पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में
रात देर तक चल रहे अवैध संचालन, भीड़, शोर और सुरक्षा जोखिम के बावजूद
स्थानीय पुलिस की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
क्या कानून सिर्फ आम आदमी के लिए है?
क्या प्रभावशाली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियम लागू नहीं होते?
हादसा हुआ तो ज़िम्मेदार कौन?
बिना पर्याप्त फायर सेफ्टी, बिना तय मानकों और बिना स्पष्ट अनुमति के
यदि कोई आग, भगदड़ या अन्य दुर्घटना होती है,
तो उसकी ज़िम्मेदारी—
BMC प्रशासन
K-West वॉर्ड अधिकारी
और स्थानीय पुलिस विभाग
तीनों पर तय होगी।
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?
मुंबईकर पूछ रहे हैं सीधे सवाल
क्या Aaomi Rooftop के पास वैध रूफटॉप परमिशन है?
क्या फायर सेफ्टी NOC पूरी तरह लागू है?
क्या तय समय सीमा और क्षमता का पालन हो रहा है?
और अगर नहीं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
नियम सिर्फ काग़ज़ों तक?
आज सवाल सिर्फ Aaomi Rooftop का नहीं है,
सवाल है मुंबई के सिस्टम का। अगर नियम तोड़े जाएँ और प्रशासन आंख मूंद ले,
तो फिर कानून का मतलब ही क्या रह जाता है?
अब देखना यह है कि BMC प्रशासन और पुलिस
कार्रवाई करते हैं
या फिर मुंबईकरों की सुरक्षा एक बार फिर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है।


