Mumbai : मुंबई की पुरानी और जर्जर ‘सिस्ड इमारतों’ की मरम्मत को लेकर बड़ा खुलासा! अनुमानित लागत से 100%–140% कम बोली लगाने वाले संदिग्ध टेंडरों पर महाराष्ट्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
यह कदम विधानसभा में उठे गंभीर सवालों के बाद लिया गया।
कम लागत वाले टेंडरों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई — जांच के आदेश
16,000 सिस्ड इमारतें खतरे में — कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने उठाया मुद्दा
दक्षिण मुंबई की करीब 16,000 सिस्ड इमारतों की हालत पर चिंता जताते हुए कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने सरकार से तत्काल दखल की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
एमएचएडीए के टेंडरों में असामान्य रूप से कम बोली लगाई जा रही है
घटिया काम और करप्शन की आशंका
कई ठेकेदार मरम्मत के नाम पर अवैध मंजिलें खड़ी कर करोड़ों कमा रहे हैं
7 मंजिली इमारत पर 2–3 अवैध फ्लोर बना दिए जाते हैं
सरकार सख्त — दोषी ठेकेदारों के टेंडर रद्द होंगे
गृह राज्य मंत्री शंभूराज देसाई ने माना कि उन्हें भी कई गड़बड़ियों की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने घोषणा की:
अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता इस पूरे मामले की जांच करेंगे
जो ठेकेदार दोषी पाए जाएंगे, उनके टेंडर तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे
79A संशोधन पर लगी रोक से चिंता — मानसून में ढहने का खतरा
अमीन पटेल ने सरकार को चेताया कि:
हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट एक्ट की धारा 79A में किया गया संशोधन बेहद जरूरी है
यह एमएचएडीए को C-1 (बेहद जर्जर) इमारतें अधिग्रहित करने का अधिकार देता है
बंबई हाईकोर्ट ने इस संशोधन पर जुलाई में स्टे लगा दिया था
अगर इमारतों का अधिग्रहण नहीं हुआ तो आगामी मानसून में गिरने का बड़ा खतरा, सैकड़ों जिंदगियां जोखिम में
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 15 जनवरी को
मंत्री देसाई ने बताया:
एमएचएडीए ने अगस्त में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है
राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश होंगे
सरकार सुप्रीम कोर्ट से कहेगी कि 79A लागू करना जरूरी, क्योंकि मामला लोगों की जान बचाने से जुड़ा है
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